होम राजनीती क्या गुजरात में खत्म होगी इस पूर्व मंत्री की राजनीति?

क्या गुजरात में खत्म होगी इस पूर्व मंत्री की राजनीति?

गुजरात विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, अब विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर सियासत गरमा गई है. जैसे-जैसे गुजरात विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, गुजरात में सियासी माहौल गर्म होता जा रहा है। गुजरात के बनासकांठा की दियोदर विधानसभा सीट पर टिकट का राजनीतिकरण जोरों पर है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को इस विधानसभा सीट से भाजपा के 24 दावेदारों में से किसी एक को टिकट देने की मांग उठी है। 

सूत्र में चर्चा चल रही हैं कि बनासकांठा के भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष गुमानसिंह चौहान और जिले के  मंडल ने कल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को 24 दावेदार पेश किए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक इस बात की घोषणा नहीं की है कि कौन कोन किस किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेगा। हालांकि बीजेपी ने हर सीट के लिए उमेदवर ढूढ़ने की तैयार करना शुरू कर दि है।

भारतीय जनता पार्टी के इन 24 दावेदारों में पूर्व मंत्री केशाजी चौहान का नाम नहीं था, जिससे बनासकांठा की सियासत गरमा गई थी। इस मामले की अब चर्चा हो रही है कि केशाजी को टिकट न देने की भी सलाह दी गई है। इस बहस ने स्थानीय स्तर पर गति पकड़ ली है। विधानसभा चुनाव से पहले सीट को लेकर कुछ भी हो शक्ति है। गौरतलब है कि केशाजी चौहान को 2021 के गुजरात विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया था और वे जीत गए थे।

केशाजी चौहान इस सीट से जीते और आगे बढ़े और उन्हें मंत्री का पद भी दिया गया। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में केशाजी चौहान को हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में केशाजी चौहान कांग्रेस के शिवभाई भूरिया से हार गए थे। इस साल जहां इस सीट के कई दावेदार हैं, वहीं केशाजी चौहान को टिकट दिया जाएगा या नहीं, इस पर भी सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि कुछ बीजेपी नेता केशाजी चौहान के राजनीतिक करियर को खत्म करना चाहते हैं, इस बात की चर्चा जोर पकड़ चुकी है और राजनीति भी गरमा गई है।

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