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SGFI के नए अध्यक्ष ने सुशील कुमार के आरोपों को सिरे से खारिज किया

SGFI Press Conference

खेल मंत्रालय करेगा सही गलत का फैसला
दो तिहाई बहुमत और स्पोर्ट्स कोड के पालन का दावा
खिलाड़िओं के चयन में पारदर्शिता
संगठन चलाने में पारदर्शिता
भारत में अंतरराष्ट्रीय खेलों का आयोजन
2020-21 में भी हो सकता है राष्ट्रीय खेलों का आयोजना

SGFI में विवादों के चलते आज तमिलनाडु के नागापटनम में चुनाव संपन्न हुए। चुनाव अधिकारी रिटायर्ड जज माननीय सय्यद जफ़र हुसैन ने 18 पदाधिकारिओं के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ दिनों में दो बार ओलिंपिक पदक विजेता और तत्कालीन अध्यक्ष पहलवान सुशील कुमार द्वारा लिखे गए पत्रों से SGFI में घमासान चल रहा था। पिछले कुछ दिनों में सुशील कुमार ने SGFI के सदस्य राज्यों को पत्र लिखकर इस चुनाव को असवैधानिक बताया। सुशील कुमार के मुताबिक़ चुनावों की प्रक्रिया असंवैधानिक है, चुनाव अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार केवल अध्यक्ष के पास है है उन्होंने चुनाव अधिकारी नियुक्त नहीं किया है और ना ही इस चुनाव में स्पोर्ट्स कोड का पालन हुआ।

नवनियुक्त अध्यक्ष ने रंजीत कुमार ने पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम खेल मंत्रालय को कागज़ प्रस्तुत करेंगे और सही गलत का फैसला खेल मंत्रालय करेगा। अध्यक्ष और महासचिव के बीच गलतफ़हमी के चलते कार्यकारिणी ने सर्वसमति से चुनाव अधिकारी के लिए पूर्व जज माननीय सय्यद जफ़र हुसैन को नियुक्त किया। अध्यक्ष भी कार्र्यकारिणी के फैसले के साथ चलता है, यदि कार्यकारिणी अध्यक्ष को ना बोल दे तो नहीं होगा। सारी कार्यकारिणी ने फैसला लिया था और यह चुनाव बहुत सही हुआ है .

इन चुनावों के कराने के लिए दो तिहाई बहुमत नहीं होने के इलज़ाम पर SGFI अधयक्ष ने कहा कि 43 में से 29 स्वयं और 4 सदस्य ज़ूम के माध्यम से मौजूद थे तो बहुमत तो यहीं सिद्ध हो गया है।

खेल मंत्रालय द्वारा चुनाव की अवधि तीन महीने बढ़ाए जाने पर रंजीत कुमार ने कहा सरकार का आदेश था कि चुनाव 31 दिसंबर से पहले करना है। समय कम था सभी चुनाव चाहते थे, 31 दिसंबर तक हमारी मान्यता खत्म हो रही थी जिसके चलते हमने इस चुनाव प्रक्रिया को चालु रखा।

प्रेस कांफ्रेंस के शुरुआत में SGFI अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बड़े दावे करते हुए कहा कि यदि कोरोना दूर हो गया हम भारत में ही अंतर्राष्ट्रीय खेल करवाने के पक्ष में हैं। हर बार हमारे खिलाड़ी विदेश में खेलने जाते हैं और हमारा खर्चा होता है। भारत में ही अंतरराष्ट्रीय खेल होंगे तो खिलाड़िओं के माता पिता भी अपने बच्चों को अंतरराष्ट्रीय खेल खेलते देख पाएंगे।

बाएं से महासचिव आलोक खरे, अध्यक्ष रंजीत कुमार और कोषाध्यक्ष मुखतेज बदेश

इंडियन 24×7 द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने माना कि राज्यों द्वारा मांगे जाने पर 2020-21 में कुछ खेल करवाए जा सकते हैं। अध्यक्ष रंजीत कुमार ने खिलाडिओं की चयन प्रक्रिया के साथ साथ संगठन में लिए जाने वाले वाले फैसलों में भी पारदर्शिता पर ज़ोर दिया।

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