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खेल मंत्रालय द्वारा एसजीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर चुप्पी – विश्व जिम्नेसिआड फ्रांस के लिए टीम का चयन

खेल मंत्रालय द्वारा एसजीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर चुप्पी

Sports Desk: खेल मंत्रालय द्वारा एसजीएफआई पर प्रतिबंध लगाने पर चुप्पी साध ली गई है। मई 2022 में फ्रांस में होने वाले विश्व स्कूल गेम्स जिम्नेसिआड (IRSF World School Games Gymnasiade) के लिए एसजीएफआई रंजीत गुट द्वारा चयन किया जा रहा है।

खेल मंत्रालय ने इस टीम के चयन या खिलाड़िओं के विश्व जिम्नेसिआड फ्रांस में मई में भाग लेने पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और ना ही किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया दी है। ऐसा लगता है की खेल मंत्रालय एसजीएफआई से जुड़े किसी भी विवाद पर किसी भी तरह की टिपण्णी से अभी बच रहा है, इससे ऐसा लग रहा है कि खेल मंत्रालय ने एसजीएफआई को लेकर अभी कोई मन नहीं बनाया है।

9 फरवरी 2022 को विजय संतान ने खेल मंत्रालय को शिकायत भरा एक पत्र लिखा जिसमे कहा गया कि रंजीत कुमार, अलोक खरे और एसजीएफआई के पूर्व महासचिव राजेश मिश्रा द्वारा मई 2022 में फ्रांस में होने वाली विश्व जिम्नेसिआड के लिए खिलाड़िओं का चयन किया जा रहा है और फ्रांस जाने के लिए पैसे भी लिए जा रहे हैं।

विजय संतान द्वारा खेल मंत्रालय को लिखे पत्र के अनुसार यह असंवैधानिक है। उन्होंने पत्र में लिखा कि खेल मंत्रालय द्वारा एसजीएफआई की मान्यता रद्द कर दी गई थी फिर भी एसजीएफआई और पूर्व महासचिव राजेश मिश्रा द्वारा असंवैधानिक गतिविधियां जारी हैं। विजय संतान ने इसपर मत्रालय का ध्यान आकर्षित करते हुए इसपर जांच कराए जाने की मांग की।


विजय संतान द्वारा लिखे शिकायत भरे पत्र के जवाब में खेल मंत्रालय ने केवल इंग्लिश में दो लाइन का जवाब भेजा कि वर्तमान समय पर स्कूली खेलो के लिए किसी भी खेल संगठन को (खेल मंत्रालय से) मान्यता प्राप्त नहीं हैं।

मत्रालय का जवाब

खेल मंत्रालय के इस दो टूक जवाब को समझा जाए तो खेल मंत्रालय ने ना तो रंजीत, अलोक और राकेश मिश्रा गुट के खिलाफ कोई टिपण्णी की और ना ही किसी तरह की रोक लगाई। इसका मतलब यह निकलता है कि वह टीम के विश्व स्कूल गेम्स जिम्नेसिआड में जाने पर किसी तरह की दखलंदाज़ी नहीं करना चाहते।

इस लिहाज से देखें तो उक्त टीम के चयन और टीम के विश्व स्कूल गेम्स जिम्नेसिआड में भाग लेने का रास्ता साफ़ हो गया है।

खेल मंत्रालय की अनुमति की आवश्यकता नहीं

एसजीऍफ़आई अध्यक्ष रणजीत कुमार ने इंडिया 24×7 न्यूज़ को भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा 15 जुलाई 2014 और 24 दिसंबर 2017 में जारी नोटिफिकेशन की प्रति की जानकारी दी जिसमे साफ़ तौर पर लिखा है की ओलिंपिक कामनवेल्थ और एशियन गेम्स को छोड़ कर किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए भारत सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

ये हैं वो 20 खेल जिनकी वर्ल्ड स्कूल गेम्स की हो रही है तैयारी 1. तीरंदाजी 2. एथलेटिक्स 3. बैडमिंटन 4. बास्केटबॉल 5. बीच वॉलीबॉल 6. बॉक्सिंग 7. डांसस्पोर्ट – ब्रेकिंग 8. बाड़ लगाना 9. कलात्मक जिम्नास्टिक 10. लयबद्ध जिमनास्टिक 11. जूडो 12. ओरिएंटियरिंग 13. रग्बी सेवन्स 14. तैरना 15. टेबल टेनिस 16. तायक्वोंडो 17. कुश्ती 18. पैरा एथलेटिक्स 19. पैरा जूडो 20. पैरा स्विमिंग

फेडरेशन के पूर्व पदाधिकारी नहीं बन सकते सीईओ

भारत सरकार के स्पोर्ट्स कोड के तहत यदि आप किसी खेल फेडरेशन के पदाधिकारी रहे हैं और भारत सरकार के स्पोर्ट्स कोड के तहत अब आप पुनः पदाधिकारी नहीं बन सकते तो आप के पास सीईओ बनकर फेडरेशन चलाने का रास्ता खुला था और अधिकतर लोग ऐसा ही करते थे।

लेकिन अब आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। 28 फ़रवरी 2022 को खेल मंत्रालय द्वारा एक जारी पत्र के अनुसार ऐसा करना खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स कोड का उलंघन होगा। क्योंकी स्पोर्ट्स कोड में ऐसी कोई शर्त या दिशा निर्देश नहीं है इसलिए खेल मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर इस पर रोक लगाई है।

सीईओ का पद भी फेडरेशन के प्रबंधन से जुड़ा है और महासचिव तथा अध्यक्ष पद भी प्रबंधन से जुड़े हैं। महासचिव तथा अध्यक्ष पद पर कार्यकाल और अधिकतम आयु की सीमा है जबकि सीईओ पद के बारे में ऐसा कुछ स्पोर्ट्स कोड में नहीं है, जिसकी वजह से पूर्व पदाधिकारी सीईओ बनकर फेडरेशन के प्रबंधन पर फिर से कब्ज़ा कर लेते थे।


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