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पंजाब सेलर एसोसिएशन ने नई कस्टम मिलिंग पॉलिसी (2022-23 ) के बिरोध मे किया एक हंगामी मीटिंग

पंजाब सेलर एसोसिएशन ने नई कस्टम मिलिंग पॉलिसी (2022-23 ) के बिरोध मे किया एक हंगामी मीटिंग

पुरे पंजाब भर से 2022 सेलर मालिक इस मीटिंग मे पहुचे 

मोगा के निहाल सिंह वाला मे पंजाब राईस मिल एसोसिएशन की ओर से नई कस्टम मिलिंग पॉलिसी (2022-23 ) की बिरोध मे पुरे पंजाब भर से राईस मिल एसोसिएशन के मेंबर ने एक मीटिंग की गई. इस मीटिंग मे पुरे पंजाब से राईस मिल के मालिक पहुचे ओर मांग हे की नई कस्टम मिलिंग पॉलिसी (2022-23 ) मे संसोधन किया जाय. ओर 28 सितम्बर को पंजाब के पनग्रेन की दफ्तर के बाहर धरना दिया जायेगा अगर क़ानून मे संसोधन नही किया गया तो अनिश्चित कल के लिए हड़ताल शुरू करेंगे

वही एसोसिएशन के प्रधान ने बताया आज पंजाब के 2022 सेलर मालिक ने इस मीटिंग मे हिस्सा लिया. पंजाब सरकार ने पंजाब के राईस इंडस्ट्री को ख़तम करने की कोसिस कर रही हे ओर दूसरे पासे cm साहिब जर्मन गया इंडस्ट्री लाने और पंजाब से इंडस्ट्री को कह रही हे जाओ. पंजाब के इस राईस इंडस्ट्री बिजली बोर्ड राही पंजाब को 1600 करोड़ रूपए रेवेन्यू देता हे ओर 5 लाख मुलाजिमो को नौकरी रोजगार देते हे. 182 लाख टन धान की उत्पादन हमारे किसान 35-40 हजार कोड़ार रूपए RBI से केडिट लेकर पंजाब सरकार से जिम्मेदारी लेकर पनग्रेन एजेंसी किसान की धान की खरीद करते हे. बहत बढ़िया से ए नीति चल रही थी पर पंजाब मे एक नया नीति जारी करदिया.नीति के अनुसार बैंक के कर्जा नही होना चाहिए.मोदी साहिब ने कोविड के टाइम GCS स्कीम मे लोन दिया था जिसमे लोग कोविड के टाइम लोन लेने से मजबूर होगये नीति के अनुसार वो भी किलियर करो, ट्राम लोन भी किलियर करो हलकी सब्सिडी लोग के बगैर मिलता नही इस सम्बन्ध मे सरकार को एक अल्टीमेटम दिया की एक 62 गट्टा सरकार को चाहिए हर साल जिसमे 40 पुराना गट्टा मिलर देता हे जिसमे किसान के धान भरी जाती हे हमने गट्टा भी देना धान की फसल भर कर देती हे ओर साल बाद इनके पेमेंट मिलता हे.नया नीति कहता हे बैंक मे लोन नही होना चाहिए इस नीति कोई भी राज्य मे नही हे इस करके आज एसोसिएशन ने फैसला लिया हमने कोई बारदाना देना नही. ओर मुकमल तोड़ पर हड़ताल जाने की फैसला लिया ओर जितना ओर ए FCI के पोलिसी हे वो कैसे खरीद करेंगे कहा पर स्टोर करेंगे हमे पता नही.जितना हमसे चावल लेंगे उतना हम बारदाना देंगे ओर 28 तारीख से मुकमल हड़ताल पर जायेंगे.हमारे मांग हे नई पोलिसी को रद किया जाये पुराने नीति को बहाल किया जाये

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