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कांग्रेस नेता राहुल गाँधी पर भड़की निर्मला सीतारमण

rahul gandhi met migrant labourers

लॉकडाउन के चलते मज़दूरों के अपने घर पैदल सड़कों पर जाने और सड़क हादसों में मरने की खबरें के हर दिन बढ़ती जा रही हैं। वहीं भाजपा कांग्रेस राजनीति करने पर उतारू हैं। जहां राहुल गाँधी सरकार पर निशाना साधे हुए हैं वहीं प्रियंका गाँधी ने उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर 400 बसें भेज कर उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री योगी को पशोपेश में दाल दिया है।

कल राहुल गाँधी दिल्ली ने आश्रम इलाके में पैदल घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों से मुलाक़ात कर उनका हालचाल पूछा। राहुल गांधी की सड़क पर बैठकर मज़दूरों से बात करते हुए फोटो सामने आईं। श्रमिकों ने बताया की राहुल गाँधी ने उनसे उनका दुःख दर्द पूछा, उन्हें मास्क, और खाना पानी मुहैया करवाया। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने उनके घर जाने के लिए गाड़ी भी बुक करवाई।

राहुल गाँधी ने मज़दूरों का समय बर्बाद किया -सीतारमण

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीताराम आज राहुल गाँधी पर भड़क पड़ी और उनको ड्रामेबाज़ कह डाला। आज 20 लाख करोड़ पैकेज धारवाहिक की पांचवीं प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर टिपण्णी की जो शायद लोगों को समझ ही नहीं आई। हिंदी में बोलने की कोशिश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी ने मजदूरों के साथ बैठकर, उनसे बात करके उनका समय बर्बाद किया। उन्हें मजदूरों के साथ सामान उठाकर उनके साथ पैदल जाना चाहिए था। निर्मला सीतारमण को शायद जानकारी नहीं थी की राहुल गाँधी ने उन मज़दूरों के खानेपानी के साथ उनके घर जाने के लिए गाडी का भी इंतज़ाम किया था।

सीतारमण ने आगे कहा की उन्हें (राहुल गाँधी को) मजदूरों के बच्चों को और उनके सामान को उठाकर उनके साथ चलना चाहिए था। राज्यों को जहां कांग्रेस की सरकार है उनसे क्यों नहीं कहते कि और ट्रेनें मंगाए और मजदूरों को घर लेकर आएं। सोनिया गांधी से कहती हूं कि पलायन कर रहे मजदूरों के मुद्दे को जिम्मेदारी से डील करना चाहिए।

“वो हमें ड्रामेबाज कहते हैं मैं उन्हीं के शब्दों को लेकर कहती हूं कि कल जो कुछ हुआ। सड़क पर मजदूरों को पकड़कर उनसे बात करना, यह इसका समय है क्या।” सीतारमण ने सोनिया गाँधी से अपील करते हुए कहा की वह प्रवासी मजदूरों के प्रति जिम्मेदारी समझें और इस मुद्दे पर साथ बैठकर बात करें”

तीन महीनो से चेतावनियां और मशवरे दे रहे हैं राहुल

राहुल गांधी पिछले तीन महीने से मोदी सरकार को कोरोना वायरस के चलते हो रही बदइंतज़ामी पर लगातार घेर रहे हैं। उनका पहला बयान 12 फरवरी को आया था जिसपर उन्होंने मोदी सरकार द्वारा कोरोना वायरस को गंभीरता से ना लिए जाने पर चिंता जताई थी।

राहुल गाँधी के इस ट्वीट पर ट्वीटर तथा फेसबुक पर उनका काफी मज़ाक उड़ाया गया था। भाजपा उस समय ट्रम्प की तीमारदारी में व्यस्त थी। लेकिन किसे पता था की राहुल गाँधी विश्वभर से कोरोना वायरस पर जानकारी एकत्रित करे रहे थे। भाजपा और कांग्रेस में यहीं फर्क दिखता है, मीठी बातों से जनता का दिल बहलाने में और देश चलाने में फर्क होता है।

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