होम स्वास्थ जावित्री में छिपे हैं कई गुण, किडनी के लिए है लाभकारी औषधि

जावित्री में छिपे हैं कई गुण, किडनी के लिए है लाभकारी औषधि

जावित्री एक प्रकार का मसाला है, और आयुर्वेद में इसे बहुत फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में इसे जातिस्य या जातिकला के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोग इसे जायफल की जुड़वां बहन भी कहते हैं।और इसका उपयोग कुछ प्रकार के ध्यान बनाने में किया जाता है।

जावित्री खाने के फायदे किडनी के लिए भी लाभकारी है। जावित्री किडनी संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। जावित्री में मौजूद मैक्लिग्नन नामक यौगिक किडनी के ऊतकों को क्षति से बचा सकता है। कि सूजन और एपोप्टोसिसको रोकने में मैक्लिग्नन काम आ सकता है और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट रक्षा प्रणाली को बढ़ा सकता है। जावित्री में मौजूद मैक्लिग्नन के ये गुण किडनी को इस्केमिया-रेपरफ्यूजन इंजरी से बचा सकते हैं 

जावित्री हमारे चेहरे पर मुंहासों के दाग-धब्बों और काले धब्बों को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद करते है। गठिया के कारण होने वाले दर्द और सूजन की स्थिति में रोजाना लौंग और लौंग का थोड़ा-सा गर्म पानी पीने से समस्या से राहत मिलेगी।

यह पेट से संबंधित कई बीमारियों जैसे कब्ज, अपच, पेट दर्द, दस्त आदि को रोक सकता है। अगर हम अपने पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इसके नियमित सेवन से कई फायदे होते हैं। कभी-कभी हमें भूख नहीं लगती क्योंकि हमें कब्ज़ हो जाती है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है। ऐसे में इसका सेवन करना बहुत जरूरी है। इसे रोजाना खाने से हमें भूख लगती है और हमारी सेहत में तुरंत सुधार होता है।

इसे कई तरह की समस्याओं का प्राकृतिक इलाज माना जाता है। इसका मसाला हमारे तनाव को दूर करने में फायदेमंद होता है। यह हमें शांति की अनुभूति देता है। यह हमारे दिमाग को तनाव दूर करने के लिए उत्तेजित करने में बहुत फायदेमंद होता है। इसके मसाले खाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।

दांतों पर जावित्री मसाला लगाने से दांत मजबूत होते हैं और मुंह से दुर्गंध दूर होती है। रोजाना इस मसाले को लेकर उसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर दांतों पर लगाने से दांत साफ हो जाते हैं। तो दांतों से जुड़े कई रोग दूर हो जाते हैं। जावित्री को हमारी त्वचा, हृदय रोग, रक्ताल्पता, जोड़ों के दर्द, गुर्दे को फिर से जीवंत करने के लिए एक कायाकल्प औषधि के रूप में माना जाता है।

जाविंत्री पाचन तंत्र को मजबूत करता है। दस्त के इलाज के लिए भी इसका उपयोग बहुत उपयोगी है। इसमें दस ग्राम जावित्री, थोड़ी सी दालचीनी और अल्गड़ा मिलाकर पीस लें। इसे शहद के साथ लेने से हृदय रोग में बहुत लाभ होता है। कई लोग इसका इस्तेमाल चाय बनाने के लिए और दूध के साथ भी करते हैं क्योंकि यह शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

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