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लॉकडाउन 17 मई तक, ग्रीन, ऑरेंज, रेड ज़ोन में मिलेंगी ये छूट

लॉकडाउन 17 मई तक

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 17 बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इसबार यह घोषणा 2 दिन पहले ही कर दी गई। इस बार आप प्रधानमंत्री के “भाईओं और बहनो” या “मित्रों” सम्बोधन को नहीं सुन पाए कियोंकि लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिये की गयी है।

लॉक डाउन 17 मई तक ज़रूर बढ़ा दिया गया है लेकिन कुछ छूट भी दी गई हैं। यह छूट ग्रीन, ऑरेंज और रेड ज़ोन में के हिसाब से अलग अलग होंगी। देश को तीन हिस्सों बांटा गया है ग्रीन, ऑरेंज और रेड ज़ोन। हर सप्ताह इनकी समीक्षा कर बदलाव किया जा सकता है।

देशभर में कुल 319 ग्रीन जोन, 284 ऑरेंज ज़ोन तथा 130 ज़िले रेड ज़ोन घोषित किए गए हैं। इन इलाकों की श्रेणिओं को कुछ मापदंडो के आधार पर वर्गीकृत किया गया है जिसमे उस क्षेत्र में COVID19 के दोगुना होने की दर, जांच करने की क्षमता तथा निगरानी एजेंसिओं से मिली जानकारी को आधार बनाया गया है।

रेड और ऑरेंज ज़ोन में आने वाले इलाकों को कंटेमिनेटेड ज़ोन के तौर पर घोषित किया गया है. इन इलाकों की घोषणा ज़िला प्रशासन करेगा. इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि कंटेनमेंट ज़ोन में सभी के मोबाइल में 100 प्रतिशत आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड हो. इन इलाकों में घर-घर जाकर सघन निगरानी की जाएगी। इन इलाकों में ज़रूरी सेवाओं के अलावा किसी का प्रवेश या यहां से किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी.

सभी क्षेत्रों में हवाई यात्रा, रेल और अंतररज्यीय बस यात्रा पर रोक रहेगी। बड़े बाज़ार, रेस्टोरेंट, जिम, स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, माल, होटल, बार, थिएटर तथा शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। राजनीतिक, धार्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहेगा। गैरज़रूरी सेवाओं से जुड़े लोगों पर शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक बाहर निकलने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी व्यक्ति के राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर प्रतिबंध होगा, केवल स्वास्थ संबंधित छूट होगी।

सभी जोन में 65 साल से अधिक तथा 10 साल से कम उम्र के लोगों को तथा गर्भवती महिलाओं को भी घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी गई है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से छूट होगी।

कन्टेनमेंट ज़ोन में मेडिकल ओपीडी तथा क्लीनिक बंद रहेंगे लेकिन अन्य रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन में खोले जा सकेंगे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना पड़ेगा।

रेड जोन

रेड ज़ोन में प्रतिबंधों के साथ कुछ चीज़ों में राहत दी गई है. कुछ निर्धारित कामों के लिए ही लोगों के बाहर निकलने की छूट होगी. चार पहिया वाहन में दो लोग और मोटरसाइकिल पर सिर्फ़ एक व्यक्ति के चलने की अनुमति होगी. ज़रूरी सामान पहुंचाने के लिए ई कॉमर्स सेवाओं की छूट होगी।

हॉटस्पॉट वाले रेड ज़ोन में साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाएं, ज़िले के अंदर और अंतर्राज्यीय बसों के संचालन, नाई की दुकान, स्पा और सैलून पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

रेड ज़ोन में आने वाले ग्रामीण इलाकों में मनरेगा, औद्योगिक इकाईआं, निर्माण कार्य, खाद्य प्रसंस्करण और ईंट के भट्टे चालु किए जा सकेंगे।

रेड जोन के शहरी इलाकों में औद्योगिक इकाइयों जैसे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) और निर्यात से जुड़ी इकाईआं, इंडस्ट्रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल टाउनशिप को कुछ प्रतिबंधों के साथ छूट दी गई है। ज़रूरी सामान बनाने वाली इकाईआं जिनमें दवाइयां, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल उपकरण और उनका कच्चा माल बनाने, उत्पादन इकाईआं और उनकी उत्पादन शृंखला के साथ आईटी हार्डवेयर बनाने, जूट इंडस्ट्री और पैकेजिंग मैटीरियल बनाने वाली यूनिट को भी खोलने की छूट दी गई है।

शहरी क्षेत्रों में कॉलोनी में वह सभी दुकाने खोली जा सकती हैं जिसके मालिक व्यक्तिगत रूप से अकेले दुकान चलाते हैं लेकिन दो गज़ की दूरी का का पालन करना पड़ेगा।

निजी दफ्तर खोले जा सकेंगे लेकिन 33% स्टाफ की ही अनुमति होगी, बाकी स्टाफ घर से काम करेगा। सरकारी दफ्तर खुलेंगे जिसमे उपसचिव स्तर से नीचे का स्टाफ के लिए केवल 33% की अनुमति होगी। ज़रूरी सरकारी कार्यालय जैसे पुलिस, रक्षा, कस्टम, एनसीसी, सिविल डिफेन्स, नगर निगम, स्वास्थ सेवाओं से संबंधित कार्यालय पूर्ण रूप से खुलेंगे।

वित्तीय विभाग से जुड़े संस्थान भी खुले रहेंगे, जिसमें बैंक, नॉन बैंकिंग फ़ाइनेंस कंपनियां (NBFC), इंश्योरेंस और कैपिटल मार्केट गतिविधियां, क्रेडिट को-ओपरेटिव सोसाइटियां शामिल हैं।

जनता से सीधे रूप से सुविधायें जैसे बिजली, पानी, सफाई, फोन, इंटरनेट, कोरियर तथा पोस्टल सेवाएं जारी रहेंगी।

कृषि से जुड़ी गतिविधयां, पशुपालन, मछलीपालन तथा पौधरोपण जैसे कार्यों को जारी रखा जा सकेगा।

ऑरेंज जोन

ऊपर लिखी सुविधाओं के अलावा:

टैक्सी या कैब तथा प्राइवेट चार पहिया गाडी में एक ड्राइवर तथा दो यात्री की इजाज़त दी गई है।

केवल ज़रूरी काम के लिए एक ज़िले से दूसरे ज़िले में जाने इजाज़त दी जाएगी।

ग्रीन ज़ोन

ऊपर लिखी रेड तथा ऑरेंज ज़ोन में दी गई सुविधाओं के अलावा:

बसें चलाने की अनुमति होगी लेकिन बसों में केवल 50% यात्री ही बिठाए जा सकेंगे।

बीएस अड्डों में भी क्षमता से 50% अधिक यात्रिओं की अनुमति नहीं होगी।

देश भर में ट्रकों की आवाजाही बेरोकटोक रहेगी।

जिन गतिविधिओं पर सरकार की तरफ से पाबंदी लगाई गई हैं उसके अलावा सभी गतिविधयां ग्रीन जोन में जारी रहेंगी। यहां आपको याद दिला दें कि यह आयश्यक नहीं है कि ग्रीन ज़ोन हमेशा के लिए ग्रीन ज़ोन ही रहेगा। सरकार हर हफ्ते सभी ज़ोन की समीक्षा करेगी। यदि किसी भी क्षेत्र में संक्रमण पाया जाता है वह ग्रीन से ऑरेंज या रेड जोन घोषित किया जा सकता है और यदि किसी ज़ोन सक्रमण घटता है तो उस रेड ज़ोन को ऑरेंज या ऑरेंज ज़ोन को ग्रीन जोन में बदला जा सकता है।

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