होम देश लॉकडाउन की धज्जीआं उड़ा रहे हैं धार्मिक संगठन और राजनीतिक नेता

लॉकडाउन की धज्जीआं उड़ा रहे हैं धार्मिक संगठन और राजनीतिक नेता

Kalburgi Festival

भारत में धार्मिक अंधभक्ति हमेशा शिक्षा और ज्ञान पर पड़ती रही है धर्म चाहे कोई भी हो। इसी का फायदा उठाकर धार्मिक मौलवी पंडित लोगों का शारीरिक और आर्थिक शोषण करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों एक धर्म विशेष पर कोरोना वायरस फैलाए जाने के आरोप लगते रहे हैं जिसका खामयाज़ा उस धर्म के गरीब लोगों को भी उठाना पड़ रहा है जो रोज़ सड़क पर फल सब्ज़ी बेचकर रोज़ी रोटी कमाते थे।

हम पहले भी कह चुके हैं की कोई भी धर्म गलत रास्ते पर चलना या गलत काम करना नहीं सिखाता बल्कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए लोगों को गलत रास्ते पर चलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिसकी वजह से उस धर्म के सभी लोग बदनाम होते हैं।

आज एक घटना कर्नाकट के कलबुर्गी से सामने आई है जिसमे सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। चौकाने वाल बात यह है की इसी क्षेत्र से भारत में कोरोना वायरस की वजह से मौत की पहली खबर आई थी। कलबुर्गी भारत का पहला जिला है जिसे हॉटस्पॉट घोषित कर सील किया गई था और वहां सरकार द्वारा सभी सामान की पूर्ति की जा रही थी।

कलबुर्गी में एक मंदिर के रथ खींचने का त्यौहार हर वर्ष मनाया जाता है। कलबुर्गी के रेवूर गावं के मंदिर द्वारा लोगों द्वारा रथ खींचने का यह त्यौहार हर साल मनाया जाता है। स्थानीय पुलिस की मानें तो पुलिस और स्थानीय अधिकारिओं ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारिओं से इस वर्ष इस त्यौहार को ना मनाये जाने की अपील की थी, लेकिन सुबह 6.30 बजे कुछ लोग इकठे हुए और देखते ही देखते भीड़ एकत्रित हो गई।

एकसाथ इतनी भीड़ एक जगह जमा होने की खबर आते ही जिला प्राशसन तुरंत हरकत मे आए गया। स्थानीय पुलिस सब इंस्पेक्टर और प्रभागीय मैजिस्ट्रेट को तुरंत निलंबित कर दिया गया। निषेधाज्ञा का उलंघन करने पर मंदिर ट्रस्ट के अधिकारिओं तथा 19 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 5 लोगो को गिरफ्तार किया जा चुका है। गावं को सील कर दिया गया है और वहां अधिकारिओं को भेजकर लोगों में बुखार की जांच की जायेगी।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने की बेटे की शादी

पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी की शादी की तस्वीर

धार्मिक अंधभक्ति में आम लोग ही नहीं बल्कि राजनेता भी लिप्त रहते हैं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी को उनके पंडित ने बताया था यदि इस दिन उनके बेटे की शादी होती है तो यह उनके बेटे के लिए बहुत फायदेमंद होगा। आपको बता दें की यह शादी 6 महीने पहले ही तय हो चुकी थी।

बेंगलुरु से लगभग 28 किलोमीटर दूर एक फार्म हाउस में हुई इस शादी के लिए विभाग से 42 गाडिओं और 120 मेहमानो की अनुमति ली गई थी। रिश्तेदारों के अलावा किसी अन्य मेहमान को इस शादी में आमंत्रित नहीं किया गया था। कोरोना वायरस फैलने से पहले इस कार्यक्रम में लाखों लोगों के भाग लेने की योजना थी। हालांकि एक ट्वीट कर एचडी कुमारस्‍वामी ने बाद में पार्टी का आयोजन किये जाने का वादा किया।

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