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भारत की पहली चिप फैक्ट्री – सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन प्लांट

बोर्ड पर IC तथा अन्य कॉम्पोनेन्ट

वेदांता और फॉक्सकॉन के 1.54 लाख करोड़ रुपये के निवेश का इस्तेमाल भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन प्लांट, डिस्प्ले फैब यूनिट और सेमीकंडक्टर असेंबलिंग और टेस्टिंग यूनिट स्थापित करने में किया जाएगा।

अहमदाबाद में 1000 एकड़ जमीन भारत की पहली चिप फैक्ट्री

सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन प्लांट
Image Courtesy – Feepik

गुजरात सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बाद वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने पीटीआई से कहा, “संयंत्र दो साल में उत्पादन शुरू कर देगा।”

यह वेदांता और फॉक्सकॉन का जॉइंट वेंचर होगा जिसमे दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी। इस जॉइंट वेंचर में वेदांता की 60% फॉक्सकॉन की 40% हिस्सेदारी होगी। इसमें फॉक्सकॉन कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वेदांता और फॉक्सकॉन जमीन, सेमीकंडक्टर-ग्रेड पानी और बिजली सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ उच्च तकनीक वाले क्लस्टर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।

गुजरात सरकार ने जुलाई माह में 2022-27 योजना की घोषणा की थी जिसके तहत गुजरात में सेमीकंडक्टर /चिप बनाने वाली कम्पनिओं को ज़मीन, बिजली पानी में भारी छूट देने की पेशकश की थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ समय में सेमीकंडक्टर यानि कि चिप की भारी कमी की वजह से भारत सहित दुनिया के बहुत से देशों में ऑटोमोबाइल तथा अन्य बड़ी कम्पनिओं के उत्पादन में भारी कमी आ गई थी।

कंपनियों ने यह भी कहा कि यह परियोजना गुजरात में 100,000 से अधिक नौकरियों का सृजन करेगी।
सेमीकंडक्टर चिप्स, या माइक्रोचिप्स, कई डिजिटल उपभोक्ता उत्पादों के आवश्यक टुकड़े हैं – कारों से लेकर मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड तक। 2021 में भारतीय सेमीकंडक्टर बाजार का मूल्य 27.2 बिलियन डॉलर था और 2026 में 64 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए लगभग 19 प्रतिशत की स्वस्थ सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन इनमें से कोई भी चिप्स अभी तक भारत में निर्मित नहीं है।

नरेंद्र मोदी ने भी किया ट्वीट 1.54 लाख करोड़ रुपए का सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन प्लांट

सेमिकंडक्टर का भारत में उत्पादन का महत्व इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसपर ट्वीट क्र कहा कि ‘यह MoU भारत की सेमी-कंडक्टर उत्पादन महत्वाकांक्षाओं को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। 1.54 लाख करोड़ रुपए का यह निवेश अर्थव्यवस्था और नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करेगा। यह सहायक उद्योगों के लिए एक बड़ा इकोसिस्टम भी बनाएगा और हमारे छोटे व् मध्यम उद्योगों की मदद करेगा।’

2021 तक, केवल तीन कंपनियां सबसे उन्नत “सेमीकंडक्टर” का निर्माण करने में सक्षम हैं: ताइवान का TSMC, दक्षिण कोरिया का सैमसंग और अमेरिका की की इंटेल। विश्वभर में चीन सेमीकंडक्टर का सबसे बड़ा उत्पादक है। दुनिया का 25% उत्पादन चीन करता है जबकि आकार में चीन से बहुत छोटा देश है ताइवान जो कि दुनिया का 21% सेमीकंडक्टर का उत्पादन करता है।

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