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आतिशबाजी ने दिल्ली को किया प्रदूषित

आतिशबाजी ने दिल्ली को किया प्रदूषित

भारत की राजधानी का प्रदूषण स्तर एक बार फिर नीचे गिरकर संतोषजनक से मॉडरेट की श्रेणी में चला गया है। 50 तक का सूचकांक (AQI) अच्छी हवा की निशानी है जिसमे हम अच्छे से सांस ले सकते हैं जबकि 50 से 100 के बीच संतोषजनक की श्रेणी में आता है। लोखड़ौन के बाद देश के शहरों एक सूचकांक (AQI) 100 से नीचे आ गया था।

रविवार को दिल्ली में बहुत से लोगों ने जमकर आतिशबाजी की जबकि प्रधानमंत्री ने सिर्फ दिया, मोमबत्ती, मोबाइल फ़्लैश लाइट जलाने की अपील की थी। रविवार की इस आतिशबाजी की वजह से दिल्ली में प्रदूषण स्तर गिरा है। रविवार को दिल्ली में PM10 का स्तर 87 से बढ़कर सोमवार को 107 हो गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार कल शाम से आज सोमवार दोपहर तक दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण इस प्रकार था सोनिया विहार में कल शाम से आज दोपहर तक एक्युआई (AQI) 103 से बढ़कर 187, पंजाबी बाग में 88 से बढ़कर 165, पर पूसा रोड में 92 से बढ़कर 166, नेहरू नगर में 93 से बढ़कर 164 प्लस, ओखला फस-2 में 74 से बढ़कर 144, अशोक विहार में 123 से बढ़कर 189, अलीपुर में 125 से बढ़कर 190, पटपड़गंज में 71 से 125 और रोहिणी में यह बढ़कर 150 से 197 हो गया।

मंगलवार और बुधवार को प्रदूषण में सुधार होने की आशा है।

करोड़ों देशवासियों ने अपने घरों में दीये, मोमबत्ती तथा मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाई

कोरोना वायरस संकट से निपटने में राष्ट्र के ‘‘सामूहिक संकल्प एवं एकजुटता’’ को प्रदर्शित करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर ‘रविवार रात नौ बजे नौ मिनट तक’ करोड़ों देशवासियों ने अपने घरों की बत्तियां बुझा दीं और दीये, मोमबत्ती तथा मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाई।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अपनी पत्नी उषा के साथ यहां अपने आवास में दीप जलाये।

रविवार रात नौ बजते ही, ज्यादातर घरों में बत्तियां बुझा दी गईं और लोगों ने बालकनी में खड़े होकर मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाई। कइयों ने दीये और मोमबत्ती भी जलाये। उस दौरान आतिशबाजी, थाली बजाने की आवाज, सीटी और पुलिस वाहन की सायरन भी सुनाई दी। कुछ स्थानों पर हिंदू भक्ति गीत बजाये गये तो कहीं मंत्रोच्चार किया गया।

मोदी ने शुक्रवार को लोगों से अनुरोध किया था कि वे कोरोना वायरस को पराजित करने के लिये सामूहिक संकल्प और एकजुटता प्रदर्शित करने के लिये रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिये लाइट बुझा दें।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दीये जलाने के शीघ्र बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह एक छोटा सा कार्य देश की एकजुटता का एक बड़ा संदेश लिये हुए हैं।

महाराष्ट्र में राकांपा प्रमुख शरद पवार, गायिका लता मंगेशकर, महानायक अमिताभ बच्चन और कई अन्य अभिनेता-अभिनेत्रियों सहित बॉलीवुड हस्तियों ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर ऐसा किया।

इस मौके पर तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने चेन्नई स्थित राजभवन में नौ मिनट के बत्तियां बुझा दीं।

छत्तीसगढ़, झारखंड और गोवा से भी बत्ती बुझाने और दीये आदि जलाये जाने की खबरें हैं।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ठीक रात नौ बजे जिला प्रशासन ने सायरन बजाये। कुछ लोगों ने पटाखे भी जलाये।

उल्लेखनीय है कि यह दूसरा मौका है जब मोदी ने जारी ‘लॉकडाउन’ के दौरान इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लोगों को एकजुट करने की कोशिश की। लॉकडाउन से ठीक पहले 22 मार्च को ‘‘जनता कर्फ्यू ’’के दौरान भी लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील पर ताली, थाली, और घंटी आदि बजा कर कोरोना वायरस संकट का मुकाबला कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया था।

इस वैश्विक महामारी से दुनिया भर में 65,600 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं।

मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिये 24 मार्च को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी और यह उसी रात मध्य रात्रि से प्रभावी हो गया था।

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