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भारत में बड़े भूकंप की चेतावनी

भारत में बड़े भूकंप की चेतावनी

संकट के इस दौर में हम आपको भयभीत नहीं करना चाहते लेकिन आपको आगाह अवश्य करना चाहते हैं।

इंडिया 24×7 न्यूज़: भारत में एक के बाद एक आपदाओं का दौर जारी है। COVID19 ने पूरी दुनिआ सहित भारत में भी तबाही मचा रखी है, देश में अबतक 2 लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं और इससे कहीं ज़्यादा अभी और आने की आशंका है। दूसरी तरफ भारत पश्चिमी बंगाल और ओडिशा में तूफ़ान से हुए विनाश से अभी निपट भी नहीं पाया था की महाराष्ट्र और गुजरात में निसर्ग तूफ़ान का आगम हो गया।

भारत में बड़े भूकंप की चेतावनी

आपदाओं और तबाही के बीच भारत के लिए एक और बुरी खबर आई है। यूरोप की एक अखबार में छापे लेख के मुताबिक़ भारत में पिछले दो महीनो के दौरान छोटे छोटे भूकंप के बाद एक बड़ा भूकंप आने की सम्भावना है।

एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप विशेषज्ञों ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक से डेढ़ महीने में 10 से मध्यम घटनाओं के बाद आने वाले दिनों बड़े भूकम्प की चेतावनी दी है। कुछ भूवैज्ञानिकों ने भूकंप की व्याख्या एक बड़े भूकंप के संभावित संकेत के रूप में की है। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के प्रमुख डॉ। कलाचंद सेन ने कहा: “हम समय, स्थान या सटीक पैमाने की भविष्यवाणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन यह मानते हैं कि एनसीआर क्षेत्र में लगातार भूकंपीय गतिविधि चल रही है और दिल्ली में एक बड़े भूकंप को जन्म दे सकती है।”

दिल्ली एनसीआर में यदि 6.0 या इससे अधिक तीव्रता का भूकम्प आता है तो बहुत सी इमारतें धाराशाई हो जाएँगी, जान और माल का बड़ा नुक्सान हो सकता है। हालांकि भारत सरकार ने भूकम्प अवरोधी निर्माण से सम्बंधित भारीतय मानकों (BIS) को अनिवार्य किया हुआ है लेकिन दिल्ली में बिल्डर माफिया और नगर निगम की सांठगांठ से इन नियमों की खुले तौर पर अवहेलना होती है।

दिल्ली पहले से ही COVID19 के चलते समस्याओं से जूझ रही है और इस स्तिथि में तो बिलकुल ही नहीं है कि कोई बड़ा भूकम्प झेल पाए।

क्या है भूकम्पीय क्षेत्र 4

भूकम्पीय क्षेत्र चार श्रेणिओं (ज़ोन 2, 3, 4, और 5) में बंटा है, इसमें श्रेणी 2 सबसे कम और श्रेणी 5 सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र कहलाती है। दिल्ली एनसीआर भूकंपीय क्षेत्र 4 की श्रेणी मे आता है जो की संवेदनशील है। इसमें जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश, दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT), सिक्किम, उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से, बिहार और पश्चिम बंगाल, गुजरात के कुछ हिस्से और पश्चिमी तट और राजस्थान के पास महाराष्ट्र के छोटे हिस्से शामिल हैं।

क्यों आते हैं भूकंप?

पृथ्वी की परत 80 से 100 किलोमीटर होती है। धरती के अंदर कई प्लेटें होती हैं। यह प्लेटें विस्थापित होती रहती हैं जिसे अंग्रेजी में प्लेट टेक्टॉनिक कहा जाता है। पृथ्वी के इस भाग में प्लेटें जब अपने स्थान से हिलती हैं या रगड़ खाती हैं तो भूकंप आते हैं। भारतीय उपमहाद्वीप प्लेट एशिआई महाद्वीप प्लेट से रगड़ खाती है जो की बेहद खतरनाक है विशेषकर उत्तर भारत एयर हिमालय के आसपास के क्षेत्र।

दिल्ली आपदा प्रबंधन समीती

इस समिति का गठन 2008 में किया गया था। दिल्ली के उपराजयपाल इस समिति के अध्यक्ष होते हैं। समिति के अन्य सदस्यों में दिल्ली मुख्यमंत्री, सभी मंत्री, पुलिस कमिश्नर तथा सभी नगर निगमों के कमिश्नर, कई अन्य सचिव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित केंद्र के 2 संयुक्त सचिव हैं।

फिलहाल आपदा प्रबंधन समिति COVID19 यानी कोरोना वायरस से निपटने में व्यस्त है और यदि इस समय भूकम्प आता है तो आप अंदाजा लगा सकते है की दिल्ली की दशा क्या होगी। दिल्ली सरकार के ख़ज़ाने पहले ही खाली हैं और पाने कर्मचारिओं को तनख्वाह देने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से सहायता की गुहार लगाईं है। देखना है कि केंद्र सरकार दिल्ली वालों पर मेहरबान होती है या नहीं जो की केंद्र का दायित्व भी है।

भारत में बड़े भूकंप की चेतावनी को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार संज्ञान में लेकर क्या कदम उठाएंगी यह तो वक़्त ही बताएगा लेकिन इस चेतावनी से दिल्ली और उसके आसपास रहने वाले लोगों खौफ बैठ गया है।

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