20 लाख से भी अधिक मरीज़ होंगे जबकि हज़ारों लोगों की जा सकती है जान

आने वाले दिनों में कोरोना वायरस (CoronaVirus) मामले और तेज़ी से बढ़ सकते हैं क्योंकि दिल्ली में रह रहे हज़ारों अप्रवासी श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं। अधिकतर श्रमिक बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं जो इस मुश्किल घड़ी में अपने परिवार के पास लौट जाना चाहते हैं।

गावँ जाने की होड़

दिल्ली में काम करने वाले हज़ारों मज़दूर, रिक्शा चालक, फैक्टरियों में काम करने वाले मज़दूरों में अचानक गावं जाने की होड़ सी मच गई है। हज़ारों वर्कर आपको सड़कों पर झुण्ड में या बस स्टैंड बीएस के इंतज़ार में खड़े दिख जायेंगे। दो दिन पहले तक सब कुछ ठीक ठाक दिख रहा था लेकिन जैसे ही उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की 300-400 किलोमीटर पैदल गावं जाने की तसवीरें मीडिया में आयीं तो झट से राज्य सरकारों ने इनके लिए बसों इंतज़ाम कर दिया। बसों के इंतज़ाम की खबर श्रमिकों में तेज़ी से फ़ैल गई और देखते देखते सारे श्रमिक परिवार समेत सड़कों पर उतर आए। हर कोई जल्द से जल्द अपने गावं पहुंचना चाहता है।

दिल्ली सरकार ने रहने खाने का दिया भरोसा

हालांकि दिल्ली सरकार ने सभी प्रवासी श्रमिकों को रहने खाने का भरोसा दिया। दिल्ली सरकार ने मुफ्त खाने और रहने के सभी इंतज़ाम करने का आश्वासन दिया है। चार लाख लोगों के लिए खाने का इंतज़ाम कर रही है। अतिरिक्त रैन बसेरे का इंतज़ार करने के साथ साथ सरकारी स्कूलों में भी बिस्तरों का इंतज़ाम किया जा रहा है। सभी रजिस्टर्ड मज़दूरों को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से राहत पैकेज की भी की गयी है लेकिन कोई भी दिल्ली रुकने को तैयार नहीं है।

सोशल डिस्टैन्सिंग की उड़ाई धज्जीआं

सोशल डिस्टैन्सिंग की धज्जीआं उड़ाते हुए दिल्ली के अन्तर्राज्य बीएस अड्डों पर और दिल्ली के सभी बॉर्डर पर बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले श्रमिक हज़ारों की तादाद में देखे जा सकते हैं। बुरे समय कि इस घड़ी में हर कोई अपने परिवार के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहता है। इन सभी श्रमिकों ने सड़कों पर उतर कर राज्य और केंद्र सरकारों की सभी कोशिशों को विफल कर दिया है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में स्तिथि भयावह रूप ले सकती है।

एक दिन में लगभग 200 नए मामले 

भारत में कोरोना वायरस के मामले आज एक हज़ार से पार हो गए। एक दिन में सबसे अधिक 194 मामले सामने आए हैं जो सरकार और देशवासिओं के लिए खतरे की घंटी है।

भारत्त में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या एक हज़ार के पार हो गयी। जनसंख्या के हिसाब से भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है लेकिन कोरोना मरीज़ों के विश्व भर के आंकड़ें देखें तो भारत अभी चालीसवें नंबर पर है जो भारत ले लिए बेहद संतोषजनक कही जा सकती है। लेकिन यह स्तिथि जल्द ही बदलने वाली है।

तेज़ी से बढ़ सकते हैं नए मामले

कोरोना वायरस जांचने के लिए नई टेस्ट किट जल्दी ही बाज़ार में आने वाली है। आई सी एम्म आर (ICMR) ने 7 लाख टेस्ट किट के लिए आवेदन मांगे हैं। भारत में पुणे की एक कंपनी मेलैब (Maylab) ने एक टेस्ट किट इज़ाद की है जो की बाज़ार में मिलने वाली टेस्ट किट से एक तिहाई से भी कम है। बाज़ार में 150 टेस्ट किट मात्र 1200 रुपए में उपलब्ध कराए गए हैं और बहुत बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन शुरू हो गया है। ऐसा माना जा रहा है की इस टेस्ट किट के बाज़ार में आने पर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का टेस्ट किया जा सकेगा।

ज़्यादा टेस्ट की वजह से कोरोना वायरस के मामले पकड़ में आने लगेंगे, इसी वजह से आंकड़े तेज़ी से बढ़ने लगेंगे।

Corona Cases in India

विश्वभर में वेंटीलेटर की मांग बढ़

कोरोना वायरस की वजह से पूरे विश्व में वेंटीलेटर की मांग एकदम से बढ़ गई है। इस बीमारी के अत्यधिक बढ़ जाने पर मरीज़ को सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। सांस लेने में मुश्किल होने पर मरीज़ के फेफड़ों में एक ट्यूब डालकर वेंटीलेटर की मदद से सांस दी जाती है। हालांकि 95 प्रतिशत मरीज़ों को इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती लेकिन इस बिमारी के तेज़ी से फैलने की वजह से वेंटीलेटर की मांग बड़ी है।

अमेरिका को 1 लाख वेंटीलेटर की आवश्यकता है जबकि भारत सरकार ने 40000 नए वेंटीलेटर का आर्डर दिया है। अभी भारत में केवल 40000 वेंटीलेटर ही उपलब्ध हैं जो की सिर्फ बड़े शहरों में ही हैं। अभी तक वेंटीलेटर भारत से निर्यात किए जा रहे थे किसी ने ध्यान नहीं दिया। 

इस समय पूरे विश्व में वैंटिलेटर की मांग बड़ी है जबकि उत्पादन उतना नहीं हो पा रहा है इसलिए भारत सरकार ने भारत इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड – BEL को 10000 वेंटीलेटर बनाने और 30000 अतिरिक्त वेंटीलेटर खरीदने का आर्डर दिया है। विश्व के बड़े कार निर्माताओं से भी वेंटीलेटर बनाने को कहा गया है।

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