होम कोरोना वायरस निज़ामुद्दीन मर्कज़ से 1500 लोगों को निकाल कर क्वारंटीन किया गया

निज़ामुद्दीन मर्कज़ से 1500 लोगों को निकाल कर क्वारंटीन किया गया

निज़ाम्मुद्दीन

केंद्र सरकार ने आज कहा की वह तब्लीगी जमात के कार्यकर्ताओं की पहचान करने, उन्हें अलग करने और उनको क्वारेंटाइन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ग्रह मंत्रालय की और से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है की निज़ामुद्दीन के मर्कज़ से अब तक जमात 1339 कार्यकर्ताओं को दिल्ली के नरेला सुल्तानपुरी और बकरवाला क्वारेंटाइन केंद्र तथा एल एन जे पी, आर जी एस एस, जी टी बी, डी डी यू, अस्पतालों और ऐम्स झज्जर में स्थानांतरित कर दिया गया है। इनमे से बाकी की संक्रमण के लिए चिकित्स्कीय जांच की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा है कि तेलंगाना में कोरोना के संक्रमण के 19 मामले सामने आते ही गत 21 मार्च को सभी राज्यों के साथ देश में मौजूद जमात कारकर्ताओं का विवरण साझा किया गया। इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य कोरोना से संक्रमित जमात कार्यकर्ताओं की पहचान है और उन्हें अलग करके क़्वारंटीन करना था, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। ग्रह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों तथा महानिदेशकों के साथ साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश जारी किये थे। इस बारे में गुप्तचर ब्यूरो की और से भी 28 और 29 मार्च को पुलिस महानिदेशकों को पत्र लिखे गए।

21 मार्च को आंध्र प्रदेश में 24, तमिलनाडु 125, महाराष्ट्र 115, तेलंगाना 82, कर्नाटक 50, पश्चिम बंगाल 70, उत्तर प्रदेश 132, झारखंड 38, हरियाना 115, ओडिशा 11, मध्य प्रदेश 49 और राजस्थान विदेशी तब्लीगी कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बीच निजामुद्दीन के मर्कज़ में रहने वाले जमात कार्यकर्ताओं को भी राज्य के अधिकारिओं और पुलिस ने मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अनुरोध किया और 29 मार्च तक लगभग 162 जमात कार्यकर्ताओं को चिकित्स्कीय रूप में जाँचा गया तथा कारण्टीन केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया । आमतौर पर विदेशों से आने वाले तब्लीग जमात से जुड़े सभी विदेश नागरिक पर्यटक वीसा पर आते हैं।

ग्रह मंत्रालय द्वारा पहले से जारी दिशा निर्देश के अनुसार जमात इन विदेशी कार्यकर्ताओं को पर्यटक पर मिशनरी कामों में शामिल नहीं होना चाहिए। इस संबंध में सभी राजर पुलिस इस सभी विदेश जमात कार्यकर्ताओं के वीज़ा के श्रेणिओं की जांच करेगी और वीज़ा शर्तों के उलंघन मामले में आगे की कार्यवाई करेगी। भारत में अक्सर इंडोनेशिया मलेशिया थाईलैंड नेपाल म्यंमार बांग्लादेश श्रीलंका और किर्गिज़स्तान के लोग तब्लीग गतिविधिओं के लिए आते हैं

निज़ामुद्दीन मर्कज़ से 1500 लोगों को निकाल कर क्वारंटीन किया गया

मरक़ज़ अधिकारिओं ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा की 22 मार्च को प्रधान मंत्री के जनता कर्फ्यू ही मर्कज़ को बंद कर दिया गया था और बाहर के किसी भी व्यक्ति को आने नहीं दिया गया था। जो लोग अंदर फसे थे वह लॉक डाउन की वजह से जाने में असमर्थ थे। 24 मार्च को SHO निज़ामुद्दीन ने हमें धरा 144 के उलंघन का नोटिस भेजा था जिसका जवाब हमने पुलिस को भेज दिया था। जवाब में यह भी बता दिया गया था की मर्कज़ में करीब 1000 विदेशी नागरिक भी हैं

प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि हमने लिखित में SDM से से गाड़ियों के लिए कर्फ्यू पास माँगा था ताकि सभी लोगों को घर भेजा जा सके लेकिन हमे पास नहीं मिला। 26 मार्च को SDM आफिस में DM से भी मुलाक़ात कराई गयी। 28 मार्च को सरकार 33 लोगों को जांच के लिए ले गयी और 30 मार्च को सोशल मीडिया में खबर फ़ैल गयी की मरकज़ में कोरोना मरीज़ों को रखा गया है, वहां पर रेड की जा रही है।

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